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शेयर बाजार में ऑप्शन की प्राइस क्यों घटती-बढ़ती है?

ऑप्शन का प्रीमियम फिक्स नहीं होता। हर सेकंड बदलता है। इसके 5 मेन कारण हैं

  1. अंडरलाइंग का प्राइस – सबसे बड़ा कारण-ऑप्शन Nifty, Stock, Gold किसी के ऊपर बना होता है। अंडरलाइंग ऊपर-नीचे होगा तो ऑप्शन भी हिलेगा। Example: Nifty 25,000 है। 25,100 Call ली ₹50 में। Nifty 25,200 गया → Call ₹120 हो गई। Nifty 24,900 गिरा → Call ₹15 रह गई। और Call Option: स्टॉक/इंडेक्स बढ़े तो Call महंगा, गिरे तो सस्ता। Put Option: स्टॉक/इंडेक्स गिरे तो Put महंगा, बढ़े तो सस्ता। इसे Delta कहते हैं।
  2. टाइम वैल्यू – रोज़ घटती हैऑप्शन में एक्सपायरी डेट होती है। जैसे-जैसे एक्सपायरी पास आती है, टाइम वैल्यू खत्म होती है। Example: आज से 20 दिन बाद एक्सपायरी है तो Call ₹80 की। वही Call 2 दिन बाद एक्सपायरी वाली ₹25 की मिलेगी, भले Nifty वहीं रहे।इसे Theta या Time Decay कहते हैं। गुरुवार को सबसे तेज़ गिरती है।
  3. वोलैटिलिटी – मार्केट का डर/लालच-जब मार्केट में उथल-पुथल बढ़ती है तो ऑप्शन महंगे हो जाते हैं। शांति रहे तो सस्ते। Example: बजट, इलेक्शन, RBI पॉलिसी के पहले India VIX बढ़ जाता है।Nifty 25,000 पर ही है, पर Call ₹50 से ₹90 हो जाएगी। नतीजा आने के बाद VIX गिरता है, ऑप्शन धड़ाम से सस्ते। इसे Vega कहते हैं।
  4. डिमांड-सप्लाई-ज़्यादा लोग Call खरीद रहे हैं तो Call महंगा। सब Put बेच रहे हैं तो Put सस्ता। बड़े प्लेयर हेजिंग करते हैं तो अचानक प्रीमियम बढ़ जाता है।
  5. ब्याज दर और डिविडेंड-ये छोटे फैक्टर हैं पर असर डालते हैं। ब्याज बढ़े तो Call थोड़ा महंगा, Put सस्ता। स्टॉक में बड़ा डिविडेंड आने वाला हो तो Put महंगा हो जाता है।

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नमस्ते, मैं Kamal kumar Mahor हूँ।
मैं Sheopur, Madhya Pradesh से हूँ और शिक्षा से जुड़े विषयों पर लिखना मुझे पसंद है।
इस ब्लॉग पर मैं छात्रों के लिए आसान भाषा में पढ़ाई, सरकारी योजनाएं, डॉक्यूमेंट प्रोसेस और करियर गाइड शेयर करती हूँ। मेरा मकसद है कि सही जानकारी सही समय पर हर छात्र तक पहुंचे, ताकि छोटी-छोटी बातों के लिए भटकना न पड़े।

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