अंडरलाइंग का मतलब
ऑप्शन खुद कोई शेयर नहीं है। वो एक कॉन्ट्रैक्ट है जो किसी चीज के ऊपर बना है। जिस चीज के ऊपर ऑप्शन बना है, उसे Underlying Asset या अंडरलाइंग कहते हैं। आसान भाषा में, ऑप्शन = ज़ेरॉक्स कॉपी तथा अंडरलाइंग = असली डॉक्यूमेंट है। कॉपी की वैल्यू असली डॉक्यूमेंट पर डिपेंड करती है।
अंडरलाइंग क्या-क्या हो सकता है?
| ऑप्शन का टाइप | अंडरलाइंग | Example |
| Index Option | Nifty 50, Bank Nifty, FinNifty | Nifty 25,000 है तो 25,100 Call का अंडरलाइंग Nifty ही है |
| Stock Option | Reliance, TCS, HDFC Bank शेयर | Reliance 2900 है तो Reliance 2950 Call का अंडरलाइंग Reliance शेयर |
| Commodity Option | Gold, Silver, Crude Oil | Gold ₹72,000 है तो Gold 73,000 Call का अंडरलाइंग Gold |
| Currency Option | USD-INR | USD-INR 83.50 है तो 84 Call का अंडरलाइंग USD-INR रेट |
प्राइस क्यों बदलता है ऑप्शन का?
ऑप्शन का प्रीमियम सबसे ज़्यादा अंडरलाइंग के प्राइस से हिलता है। इसे Delta कहते हैं।
Example 1: Call Option
Nifty = 25,000, 25,100 Call = ₹50
अब Nifty 25,100 हुआ → Call ₹100 हो गई
Nifty 24,900 हुआ → Call ₹25 रह गई
मतलब: अंडरलाइंग बढ़ा तो Call बढ़ा, गिरा तो Call गिरा।
Example 2: Put Option
Nifty = 25,000, 24,900 Put = ₹60
अब Nifty 24,800 हुआ → Put ₹120 हो गई
Nifty 25,100 हुआ → Put ₹30 रह गई
मतलब: अंडरलाइंग गिरा तो Put बढ़ा, बढ़ा तो Put गिरा।
अंडरलाइंग प्राइस व ऑप्शन प्राइस – 3 नियम
- ITM ऑप्शन: अंडरलाइंग का 1 रुपया हिले = ऑप्शन 0.6 से 1 रुपया हिलेगा। Delta ज़्यादा।
- ATM ऑप्शन: अंडरलाइंग का 1 रुपया हिले = ऑप्शन 0.5 रुपया हिलेगा। Delta 0.5 के आसपास।
- OTM ऑप्शन: अंडरलाइंग का 1 रुपया हिले = ऑप्शन 0.1 से 0.3 रुपया ही हिलेगा। Delta कम।
इसीलिए OTM सस्ते पर लॉटरी जैसे होते हैं, ITM महंगे पर सेफ।
कहाँ देखें अंडरलाइंग प्राइस?
- Nifty/BankNifty: NSE वेबसाइट या App पर Spot Price देखो, फ्यूचर नहीं।
- Stocks: Reliance का शेयर प्राइस ही अंडरलाइंग है।
- गलती मत करो: ऑप्शन ट्रेड करते टाइम फ्यूचर प्राइस नहीं, स्पॉट प्राइस देखो। ऑप्शन की सेटलमेंट स्पॉट से होती है।